नित्य प्रभु दर्शन एवं पूजा
अपने इष्टदेव का चयन करें और घर बैठे दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पण करें
श्री गणेश
नित्य साधना, पाठ एवं वैदिक टूल्स
प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ, स्तोत्र साधना, सुविचार स्टेटस स्टूडियो, आज का राशिफल एवं 36 गुण मिलान
दैनिक सुविचार व स्टेटस स्टूडियो
प्रतिदिन गीता, रामचरितमानस एवं संतों के अनमोल विचार। 9:16 स्टेटस और 1:1 पोस्ट में सुंदर HD कार्ड बनाकर WhatsApp पर शेयर करें।
सम्पूर्ण सुंदरकांड पाठ (दोहा १-६०)
सभी 60 दोहे, चौपाई, सोरठा एवं सरल हिंदी भावार्थ। मंगलवार व शनिवार विशेष पाठ, दोहा जंप एवं बुकमार्क सुविधा सहित।
प्रमुख स्तोत्र एवं अष्टकम् संग्रह
शिव ताण्डव, मधुराष्टकम्, कनकधारा, महिषासुरमर्दिनी, आदित्य हृदय, विष्णु सहस्रनाम एवं हनुमानाष्टकम् प्रामाणिक पाठ।
दैनिक राशिफल (सभी १२ राशियाँ)
मेष से मीन तक सभी राशियों का आज व कल का करियर, आर्थिक, प्रेम एवं स्वास्थ्य भविष्यफल। शुभ रंग, अंक एवं इष्ट मंत्र।
वैदिक ३६ गुण मिलान कैलकुलेटर
महर्षि पराशर अष्टकूट 36 गुण मिलान (वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट, नाड़ी) एवं विस्तृत वैवाहिक विश्लेषण।
सम्पूर्ण तीर्थ स्थल दर्शन (भारत एवं विदेश)
चार धाम, द्वादश ज्योतिर्लिंग, सप्त मोक्ष पुरी, प्रमुख शक्तिपीठ एवं विदेशों में पशुपतिनाथ, अंगकोर वाट, कैलास मानसरोवर सम्पूर्ण दर्शन व यात्रा गाइड।
सम्पूर्ण पावन संग्रह
प्रामाणिक पाठ, अर्थ एवं उच्चार सहित
जय गणेश देवा (श्री गणेश आरती)
भगवान श्री गणेश जी की यह पावन आरती जय गणेश देवा प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता के प्रति सम्पूर्ण समर्पण और स्तुति का पावन माध्यम है। किसी भी शुभ कार्य एवं नित्य पूजन में इसका गायन मंगलकारी होता है।
ॐ जय जगदीश हरे (विष्णु आरती)
सनातन धर्म की सर्वप्रमुख एवं सर्वाधिक गाई जाने वाली पावन आरती ॐ जय जगदीश हरे सम्पूर्ण समर्पण और निष्काम भक्ति का दिव्य स्त्रोत है।
ॐ जय शिव ओंकारा (शिव आरती)
देवाधिदेव महादेव शिव जी की यह प्रसिद्ध आरती ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव के एकाकार स्वरूप की वंदना करती है। इसके नित्य पाठ से मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
जय अम्बे गौरी (माँ दुर्गा आरती)
आदिशक्ति माँ दुर्गा की यह विश्वप्रसिद्ध आरती नवरात्रि एवं नित्य संध्या काल में माँ के शक्ति स्वरूप की आराधना का सर्वोत्तम माध्यम है।
आरती कीजै हनुमान लला की
पवनसुत हनुमान जी की यह आरती उनकी असीम शक्ति, श्रीराम भक्ति और भक्तों के सभी संकटों को दूर करने की महिमा का गुणगान करती है।
ॐ जय लक्ष्मी माता (महालक्ष्मी आरती)
धन, वैभव, सौभाग्य और आरोग्यता की अधिष्ठात्री देवी माँ महालक्ष्मी की पावन आरती। शुक्रवार तथा दीपावली पूजन में यह आरती विशेष रूप से गायी जाती है।
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन (राम स्तुति व आरती)
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित यह पावन राम स्तुति भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिव्य सौंदर्य, शील और कृपा का अनुपम गुणगान करती है।
आरती कुंजबिहारी की (श्री कृष्ण आरती)
वृंदावन बिहारी भगवान श्री कृष्ण की यह मनमोहक आरती भक्तों के हृदय में प्रेम रस और दिव्य शांति का संचार करती है।
जय सरस्वती माता (माँ सरस्वती आरती)
विद्या और विवेक की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की पावन आरती विद्यार्थियों, साधकों और संगीतकारों के लिए असीम ज्ञान और एकाग्रता प्रदान करने वाली है।
श्री हनुमान चालीसा (सम्पूर्ण)
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा अवधी भाषा में रचित श्री हनुमान चालीसा 40 पावन चौपाइयों का दिव्य स्तोत्र है। इसके नित्य पाठ से बल, बुद्धि, विद्या और अभयता की प्राप्ति होती है।
श्री शिव चालीसा (सम्पूर्ण)
भगवान देवाधिदेव महादेव शिव जी की महिमा से परिपूर्ण 40 पावन चौपाइयों का स्तोत्र, जिसके पाठ से समस्त पाप, रोग और भय का नाश होता है।
श्री दुर्गा चालीसा (सम्पूर्ण)
आदिशक्ति माँ जगदम्बा भवानी की 40 पावन चौपाइयों का सिद्ध स्तोत्र, जो साधक को साहस, रोग मुक्ति और समस्त मनोकामना सिद्धि प्रदान करता है।
श्री गणेश चालीसा (सम्पूर्ण)
प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी की 40 पावन चौपाइयों का स्तोत्र, जो बुद्धि, विवेक और कार्यों में निर्विघ्न सफलता प्रदान करता है।
श्री लक्ष्मी चालीसा (सम्पूर्ण)
धन, ऐश्वर्य, वैभव और आरोग्यता की स्वामिनी माँ महालक्ष्मी की 40 पावन चौपाइयों का स्तोत्र, जिसके पाठ से दारिद्र्य का नाश होता है।
गायत्री महामंत्र
ऋग्वेद का सर्वप्रमुख महामंत्र जो आत्मज्ञान, सद्बुद्धि, प्राणशक्ति और तेज की वृद्धि करता है। इसे समस्त वैदिक मंत्रों का मुकुटमणि माना जाता है।
महामृत्युंजय मंत्र (108 जाप हेतु)
ऋग्वेद (7.59.12) का यह संजीवनी महामंत्र अकाल मृत्यु के भय, असाध्य रोगों और मानसिक क्लेशों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।
नित्य दैनिक पंचोपचार पूजा विधि (घर पर)
घर के मंदिर में प्रतिदिन 5 मुख्य तत्वों के प्रतीक स्वरूप 5 पावन उपचारों द्वारा ईश्वर की आराधना की सरल एवं पूर्ण विधि।
रघुपति राघव राजा राम (राम धुन)
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की सर्वाधिक प्रसिद्ध एवं पावन राम धुन, जो मन को शांति और भक्ति रस से सराबोर कर देती है।
मंगल भवन अमंगल हारी (राम सिया राम)
श्रीरामचरितमानस की अमर पावन चौपाइयां जो समस्त अमंगलों का नाश कर घर-परिवार में सुख और समृद्धि का संचार करती हैं।
अच्युतम केशवम (कृष्ण भजन)
भगवान श्री कृष्ण और नारायण के दिव्य नामों का अत्यंत पावन और मधुर संकीर्तन, जो अनन्य प्रेम और भक्ति का संदेश देता है।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी (महामंत्र संकीर्तन)
भगवान श्री कृष्ण का सार्वभौमिक महामंत्र संकीर्तन जो समस्त कष्टों का निवारण कर शरणागति का परम सुख प्रदान करता है।
ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन
मीरा बाई का कालजयी कृष्ण प्रेम भजन, जो अनन्य निष्काम भक्ति और समर्पण की दिव्यता को प्रकट करता है।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
मीरा बाई द्वारा रचित दिव्य पद, जिसमें प्रभु नाम को संसार का सबसे अमूल्य और अक्षय आध्यात्मिक धन बताया गया है।
कभी राम बनके कभी श्याम बनके
प्रभु के विभिन्न रूपों (राम, कृष्ण, शिव, विष्णु) का पावन स्मरण करते हुए अपने हृदय में पधारने की मधुर प्रार्थना।
बड़ी देर भई नंदलाला
बृजवासियों और गोपियों द्वारा नंदलाला की प्रतीक्षा में गाया जाने वाला अत्यंत मधुर और भावपूर्ण कृष्ण भजन।
राधे राधे जपो चले आएंगे बिहारी
वृंदावन का पावन संकीर्तन, जो बताता है कि श्री राधा नाम के सुमिरन से श्री कृष्ण सहज ही प्रसन्न होकर चले आते हैं।
हे राम हे राम (जग में सचो तेरो नाम)
आत्मिक शांति और समर्पण से परिपूर्ण अत्यंत मधुर राम प्रार्थना, जो हृदय को प्रभु के पावन चरणों से जोड़ती है।
दुनिया चले ना श्री राम के बिना
प्रभु श्री राम और भक्त शिरोमणि हनुमान जी के अटूट संबंध का वर्णन करने वाला अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय भजन।
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल
बाल कृष्ण की मनमोहक गो-चारण लीला और बाल सखाओं के संग माखन चोरी का अत्यंत लोकप्रिय और आनंददायक भजन।
नमो नमो जी शंकरा (भोलेनाथ भजन)
महादेव के कृपालु और नीलकंठ स्वरूप की स्तुति करता हुआ अत्यंत शक्तिशाली और लोकप्रिय शिव भजन।
ओ पालनहारे निर्गुण और न्यारे
जगतपालक भगवान श्री हरि विष्णु की शरण में पूर्ण समर्पण और रक्षा की याचना करता हुआ अमर प्रार्थना भजन।
सजा दो घर को गुलशन सा
प्रभु श्री राम के अवध आगमन और गृह-प्रवेश के परम आनंद को समर्पित अत्यंत लोकप्रिय और उल्लासपूर्ण भजन।
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे (राम आएंगे)
माता शबरी के अटूट विश्वास का प्रतीक भजन, जो विश्वास दिलाता है कि सच्ची भक्ति से प्रभु हर भक्त के आंगन में आते हैं।
चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
माँ वैष्णो देवी के दरबार की यात्रा का सबसे प्रसिद्ध भेंट भजन, जो हर श्रद्धालु के हृदय में माता के दर्शन की उमंग जगाता है।
इतनी शक्ति हमें देना दाता (प्रार्थना)
सद्बुद्धि, सत्य और करुणा के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति मांगने वाली सर्वकालिक महान प्रार्थना एवं भजन।
हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा
कलयुग के अवतारी लखदातार खाटू नरेश का पावन भजन, जो निराश मनों में आशा और विश्वास का संचार करता है।
शिरडी वाले साईं बाबा (साईं भजन)
शिरडी साईं बाबा के चरणों में पूर्ण श्रद्धा और समर्पण की याचना करता हुआ विश्व प्रसिद्ध एवं मार्मिक भजन।
गाइये गणपति जगवंदन (तुलसीदास जी)
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की मंगलकारी वंदना एवं पावन भजन।
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूंढूं रे सांवरिया
सांवरिया कन्हैया की खोज में व्याकुल भक्त हृदय का अत्यंत मधुर और भावपूर्ण कृष्ण भजन।
शिव कैलाशों के वासी (धौलीधारों के राजा)
कैलाश पर्वत पर विराजने वाले भगवान भोलेनाथ का अत्यंत पावन, पारंपरिक और लोकप्रिय शिव भजन।
ॐ जय सूर्य भगवान (सूर्य देव आरती)
समस्त संसार को जीवन और आरोग्य देने वाले प्रत्यक्ष देव भगवान सूर्य की पावन दैनिक आरती।
ॐ जय गंगे माता (गंगा आरती)
मोक्षदायिनी पतितपाविनी माँ गंगा की विश्वप्रसिद्ध पावन आरती, जो समस्त पापों का नाश करती है।
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा (माँ काली आरती)
शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली माँ महाकाली की शक्तिशाली मंगल आरती।
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी (शनि देव आरती)
न्यायप्रिय कर्मफलदाता सूर्यपुत्र शनि देव की कृपा और साढ़ेसाती शांति हेतु परम कल्याणकारी आरती।
जय वृहस्पति देवा (बृहस्पतिवार आरती)
गुरुवार व्रत, विवाह बाधा निवारण और विद्या-बुद्धि की वृद्धि हेतु देवगुरु बृहस्पति की आरती।
जय सन्तोषी माता (संतोषी माँ आरती)
शुक्रवार व्रत में गुड़-चने के भोग के साथ गाई जाने वाली परम संतोष प्रदायिनी माँ संतोषी की आरती।
जय लक्ष्मीरमणा (श्री सत्यनारायण आरती)
सत्यनारायण कथा के उपरांत गाई जाने वाली पावन आरती, जो समस्त पापों और संकटों का शमन करती है।
आरती श्री वृषभानुसुता की (राधा जी की आरती)
वृंदावन की स्वामिनी और भगवान श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री श्री राधा रानी की दिव्य आरती।
ॐ जय श्री श्याम हरे (खाटू श्याम जी की आरती)
हारे के सहारे, शीश के दानी लखदातार खाटू नरेश श्याम बाबा की परम चमत्कारी दैनिक आरती।
श्री शनि चालीसा (Shri Shani Chalisa)
शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या एवं समस्त कष्टों के निवारण हेतु श्री शनि चालीसा का अचूक पाठ।
श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम चन्द्र जी की पावन चालीसा, जो जीवन में धर्म और विजय दिलाती है।
श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)
योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं और गीता के संदेश से परिपूर्ण पावन चालीसा।
श्री सूर्य चालीसा (Shri Surya Chalisa)
आरोग्य, तेज, नेत्र ज्योति और आत्मिक बल की प्राप्ति हेतु भगवान सूर्य देव की सिद्ध चालीसा।
श्री सरस्वती चालीसा (Shri Saraswati Chalisa)
विद्या, एकाग्रता, बुद्धि और वाणी की सफलता हेतु वीणावादिनी माँ सरस्वती की पावन चालीसा।
श्री काली चालीसा (Shri Kali Chalisa)
शत्रु बाधा, तंत्र दोष और भय का समूल नाश करने वाली माँ महाकाली की शक्तिशाली चालीसा।
श्री राधा चालीसा (Shri Radha Chalisa)
बरसाने वाली श्री राधा रानी की प्रेम और वात्सल्य से परिपूर्ण पावन चालीसा।
श्री गायत्री चालीसा (Shri Gayatri Chalisa)
समस्त वेदों की जननी वेदमाता माँ गायत्री की आत्मतेज और सद्बुद्धि प्रदायिनी चालीसा।
श्री भैरव चालीसा (Shri Bhairav Chalisa)
काशी के कोतवाल भगवान काल भैरव की समस्त भय, बाधा और नजर दोष नाशक पावन चालीसा।
श्री शिव ताण्डव स्तोत्रम् (Shiv Tandav Stotram)
रावण कृत अलौकिक शिव स्तोत्र, जो वाक्-सिद्धि, अदम्य आत्मविश्वास और शिव सायुज्य प्रदान करता है।
संकटमोचन हनुमानाष्टक (Sankat Mochan Hanuman Ashtak)
गोस्वामी तुलसीदास जी कृत संकटमोचन हनुमानाष्टक, जो जीवन के असाध्य संकटों को पल में हर लेता है।
श्री बजरंग बाण (Shri Bajrang Baan)
गंभीर संकटों, भय एवं शत्रु बाधा के समूल निवारण हेतु भगवान श्री राम की दुहाई से बद्ध शक्तिशाली बाण।
श्री राम रक्षा स्तोत्रम् (Ram Raksha Stotram)
ऋषि बुधकौशिक रचित अभेद्य रक्षा कवच, जो समस्त आपदाओं और भय से जातक की रक्षा करता है।
श्री महालक्ष्मी अष्टकम् (Mahalakshmi Ashtakam)
देवराज इन्द्र रचित महालक्ष्मी अष्टकम्, जो अखंड धन, ऐश्वर्य, सिद्धि और समृद्धि प्रदान करता है।
श्री आदित्य हृदय स्तोत्रम् (Aditya Hridaya Stotram)
महर्षि अगस्त्य द्वारा श्री राम को प्रदत्त अमोघ सूर्य स्तोत्र, जो असंभव को संभव कर विजय दिलाता है।
श्री मधुराष्टकम् (Madhurashtakam)
श्रीमद्वल्लभाचार्य विरचित परम मधुर स्तोत्र, जो श्री कृष्ण के सम्पूर्ण स्वरूप के माधुर्य का गुणगान करता है।
श्री गणेश अथर्वशीर्षम् (Ganapati Atharvashirsha)
अथर्ववेद का सिद्ध वैदिक उपनिषद, जो श्री गणेश को साक्षात परब्रह्म रूप में स्थापित करता है।
श्री कनकधारा स्तोत्रम् (Kanakadhara Stotram)
आदि शंकराचार्य रचित स्वर्ण वर्षा कराने वाला सिद्ध स्तोत्र, जो घोर दारिद्रय का नाश करता है।
श्री अर्गला स्तोत्रम् (Argala Stotram)
दुर्गा सप्तशती का परम सिद्ध स्तोत्र, जो रूप, जय, यश, आरोग्य और सौभाग्य प्रदान करता है।
श्री महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् (Aigiri Nandini)
आदि शंकराचार्य रचित विश्वविख्यात अयि गिरिनन्दिनि स्तोत्र, जो अदम्य वीरता और शक्ति प्रदान करता है।
सम्पूर्ण षोडशोपचार पूजा विधि (१६ वैदिक उपचार)
सनातन धर्म के १६ पावन उपचारों की सम्पूर्ण शास्त्रोक्त वैदिक विधि, मन्त्र एवं क्षमा प्रार्थना सहित।
शिव पार्थिव लिंग एवं रुद्राभिषेक पूजा विधि (घर पर)
घर पर शिवलिंग का पंचामृत अभिषेक, बेलपत्र अर्पण, महामृत्युंजय जप एवं शास्त्रीय सोमवार पूजा विधि।
श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं पूजा विधि (घर पर)
पूर्णिमा एवं शुभ अवसरों पर घर में सुख-समृद्धि हेतु श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं पूजन की पूर्ण विधि।
दीपावली महालक्ष्मी एवं श्री गणेश पूजन विधि (प्रदोष काल)
दीपावली की पावन निशा में स्थिर लग्न में माँ महालक्ष्मी व श्री गणेश जी की पूर्ण शास्त्रीय पूजा विधि।
श्री गणेश चतुर्थी स्थापना एवं विसर्जन पूजा विधि (घर पर)
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर घर में श्री गणेश जी की प्राण-प्रतिष्ठा, दूर्वा-मोदक अर्पण एवं विसर्जन विधि।
नवरात्रि घटस्थापना एवं माँ दुर्गा पूजन विधि (कलश स्थापना)
नवरात्रि प्रतिपदा को घटस्थापना, अखंड ज्योति, दुर्गा सप्तशती पाठ एवं कन्या पूजन की पूर्ण विधि।
श्री हनुमान जी की सरल पूजन एवं सिन्दूर अर्पण विधि
मंगलवार व शनिवार को हनुमान जी की सरल पूजा, चमेली तेल-सिन्दूर अर्पण एवं भोग लगाने की विधि।
भगवान सूर्य देव को दैनिक अर्घ्य एवं प्रातः पूजन विधि
प्रातःकाल तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देने की शास्त्रोक्त विधि, १२ नाम एवं स्वास्थ्य लाभ।
नित्य तुलसी पूजन एवं तुलसी विवाह विधि (घर पर)
प्रतिदिन प्रातः जल अर्पण, संध्या दीपदान तथा देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह की शास्त्रीय विधि।
घर पर श्री सुंदरकांड पाठ करने की सम्पूर्ण विधि एवं नियम
घर पर मंगलवार व शनिवार को श्री सुंदरकांड पाठ करने की शास्त्रोक्त विधि, संकल्प एवं नियम।
श्री एकादशी व्रत एवं भगवान विष्णु पूजन विधि (घर पर)
घर पर पावन एकादशी व्रत रखने, भगवान विष्णु का पंचामृत अभिषेक, तुलसी दल अर्पण एवं पारण करने की शास्त्रीय विधि।
श्री धनतेरस एवं कुबेर देव पूजन विधि (प्रदोष काल)
धनतेरस के पावन अवसर पर यम दीपदान, कुबेर यंत्र, तिजोरी पूजन एवं भगवान धन्वन्तरि आराधना की सरल विधि।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजन एवं व्रत विधि (मध्यरात्रि जन्मोत्सव)
जन्माष्टमी की मध्यरात्रि को लड्डू गोपाल का पंचामृत जन्माभिषेक, श्रृंगार, माखन-मिश्री भोग और झूला झुलाने की पावन विधि।
माँ सरस्वती पूजन एवं वसंत पंचमी विधि (विद्या व बुद्धि)
वसंत पंचमी पर माँ सरस्वती का पीले पुष्पों से पूजन, पुस्तक-कलम की प्रतिष्ठा एवं विद्या प्राप्ति के पावन मंत्र।
शनि देव शनिवार पूजन एवं तेल अर्पण विधि (साढ़ेसाती शांति)
शनिवार के दिन शनि देव का सरसों तेल से अभिषेक, नीले पुष्प, काले तिल अर्पण और पीड़ा मुक्ति की शास्त्र सम्मत विधि।
माँ काली पूजन एवं शनिवार/अमावस्या विधि (संकट व भय नाशक)
माँ महाकाली का सात्विक पूजन, लाल गुड़हल पुष्प, कपूर दीप एवं समस्त भय व नकारात्मक ऊर्जा नाश के सिद्ध मंत्र।
माँ गायत्री संध्या वंदन एवं दैनिक सरल हवन विधि
घर पर 15 मिनट में सरल दैनिक गायत्री हवन, आचमन, प्राणायाम और आहुति समर्पण की अत्यंत सरल एवं शास्त्रीय विधि।
श्री महामृत्युंजय अनुष्ठान एवं रोग निवारण शिव पूजा विधि
अकाल मृत्यु निवारण और दीर्घायु आरोग्य हेतु महामृत्युंजय मंत्र जप, कलश स्थापना और भगवान मृत्युंजय के पावन पूजन की विधि।
श्री खाटू श्याम जी एकादशी पूजन एवं भोग विधि (घर पर)
घर पर बाबा श्याम का श्रृंगार, गुलाब इत्र अर्पण, पंचामृत स्नान, चूरमा-खीर भोग और एकादशी ज्योत जगाने की पावन विधि।
माँ गंगा पूजन एवं गंगा दशहरा / पूर्णिमा दीपदान विधि
गंगा दशहरा व पूर्णिमा पर माँ गंगा का पावन पूजन, दुग्ध अर्पण, 108 दीपदान और घर पर गंगाजल स्नान की शास्त्रीय विधि।
श्री बांके बिहारी जी की आरती
वृंदावन के प्राणधन ठाकुर श्री बांके बिहारी जी की परम मधुर और हृदयस्पर्शी आरती।
श्री साईं बाबा की आरती
शिर्डी के कृपालु सद्गुरु साईं नाथ की पावन आरती जो जीवन में श्रद्धा और सबुरी प्रदान करती है।
माँ वैष्णो देवी की आरती
त्रिकूट पर्वत वासिनी माँ वैष्णो देवी की परम कल्याणकारी पावन आरती।
माँ तुलसी जी की आरती
भगवान श्रीहरि की परम प्रिया माँ तुलसी जी की नित्य संध्या आरती।
भगवान नरसिंह जी की आरती
भक्त प्रह्लाद के रक्षक और घोर संकटहारी भगवान नरसिंह देव की दिव्य आरती।
श्री गोवर्धन महाराज की आरती
ब्रज के अधिपति गिरिराज गोवर्धन महाराज की अन्नकूट और दैनिक परिक्रमा आरती।
माँ अन्नपूर्णा देवी की आरती
काशी की स्वामिनी एवं अन्न-धन की अधिष्ठात्री माँ अन्नपूर्णा की नित्य मंगल आरती।
माँ बगलामुखी की आरती
शत्रु-स्तम्भिनी एवं विजय-प्रदायिनी दशमहाविद्या माँ बगलामुखी की शक्तिशाली आरती।
श्री कुबेर देव की आरती
समस्त निधियों और धन के अधिपति यक्षराज कुबेर देव की समृद्धि प्रदायिनी पावन आरती।
भगवान परशुराम जी की आरती
शस्त्र और शास्त्र के महारथी चिरंजीवी भगवान परशुराम जी की ओजस्वी आरती।
श्री साईं चालीसा
शिर्डी के अवतारी सद्गुरु श्री साईं बाबा की संकटमोचक पावन चालीसा।
श्री खाटू श्याम चालीसा
हारे के सहारे और कलयुग के अवतारी लखदातार श्री खाटू श्याम जी की चमत्कारी चालीसा।
माँ वैष्णो देवी चालीसा
त्रिकूटा पर्वत वासिनी माँ वैष्णो देवी की समस्त संकट निवारक पावन चालीसा।
श्री गंगा चालीसा
पाप-विनाशिनी और परम मोक्षदायिनी पुण्यसलिला माँ गंगा की पावन चालीसा।
श्री विष्णु चालीसा
जगत के पालक चतुर्भुज भगवान श्रीहरि विष्णु की दिव्य सर्वकल्याणकारी चालीसा।
श्री तुलसी चालीसा
विष्णुप्रिया माँ तुलसी की अखंड सौभाग्य और आरोग्य प्रदायिनी पावन चालीसा।
श्री नरसिंह चालीसा
भक्त प्रह्लाद के उद्धारक एवं घोर शत्रु-बाधा नाशक भगवान नरसिंह की शक्तिमयी चालीसा।
श्री कुबेर चालीसा
अलकापुरी के अधिपति एवं समस्त निधियों के स्वामी श्री कुबेर देव की धन-समृद्धि प्रदायिनी चालीसा।
श्री बगलामुखी चालीसा
शत्रु-स्तम्भिनी एवं विजय-प्रदायिनी दशमहाविद्या माँ पीताम्बरा बगलामुखी की शक्तिमयी चालीसा।
श्री शीतला चालीसा
समस्त ताप, ज्वर एवं चर्मरोग नाशक आरोग्य प्रदायिनी माँ शीतला की पावन चालीसा।
श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम्
महाभारत अनुशासन पर्वोक्त भगवान विष्णु के 1000 पावन नामों का महास्तोत्र।
श्री रुद्राष्टकम्
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित देवाधिदेव महादेव शिव का परम प्रिय रुद्राष्टकम्।
श्री कालभैरवाष्टकम्
आदि शंकराचार्य कृत काशी के कोतवाल भगवान कालभैरव का भय-विनाशक अष्टकम्।
श्री लिंगाष्टकम्
शिवलिंग पूजा और जलाभिषेक का अमोघ एवं परम पावन महास्तोत्र श्री लिंगाष्टकम्।
श्री कुबेर अष्टलक्ष्मी महामंत्र
ऋणमुक्ति, अकूत धन-धान्य और व्यापार वृद्धि प्रदायक श्री कुबेर अष्टलक्ष्मी महामंत्र।
श्री नवग्रह स्तोत्रम्
महर्षि वेदव्यास कृत समस्त ग्रहदोष निवारक एवं शांति प्रदायक नवग्रह स्तोत्रम्।
श्री अच्युताष्टकम्
आदि शंकराचार्य विरचित भगवान श्रीकृष्ण और श्रीहरि का परम मधुर अच्युताष्टकम्।
श्री अन्नपूर्णा स्तोत्रम्
आदि शंकराचार्य कृत काशी की अधीश्वरी माँ अन्नपूर्णा का दिव्य कृपाप्रद स्तोत्र।
श्री दुर्गा बत्तीस नामावली
घोर संकट, विपत्ति और शत्रु-बाधा से तत्काल मुक्ति दिलाने वाली श्री दुर्गा बत्तीस नामावली।
श्री दशावतार स्तोत्रम्
महाकवि जयदेव कृत भगवान श्रीहरि विष्णु के दस अवतारों की अमर स्तुति 'जय जगदीश हरे'।
दैनिक वैदिक पंचांग एवं चौघड़िया मुहूर्त
आज की तिथि, वार, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया समय।
अध्याय १: अर्जुनविषादयोग
Arjuna Vishada Yoga (47 श्लोक) - कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में अर्जुन का मोह, करुणा और धर्मसंकट
अध्याय २: सांख्ययोग
Sankhya Yoga (72 श्लोक) - आत्मा की अमरता, निष्काम कर्मयोग एवं स्थितप्रज्ञ के दिव्य लक्षण
अध्याय ३: कर्मयोग
Karma Yoga (43 श्लोक) - निःस्वार्थ कर्म, यज्ञ भावना और समाज कल्याण (लोकसंग्रह)
अध्याय ४: ज्ञानकर्मसंन्यासयोग
Jnana Karma Sanyasa Yoga (42 श्लोक) - ईश्वरीय अवतार का दिव्य रहस्य एवं ज्ञान रूपी अग्नि से कर्मों का दहन
अध्याय ५: कर्मसंन्यासयोग
Karma Sanyasa Yoga (29 श्लोक) - संन्यास और कर्मयोग का समन्वय, आत्मसंयम और परम शांति
अध्याय ६: ध्यानयोग (आत्मसंयम योग)
Dhyana Yoga (47 श्लोक) - मन की एकाग्रता, अष्टांग योग साधना, ध्यान विधि और योगभ्रष्ट की सद्गति
अध्याय ७: ज्ञानविज्ञानयोग
Jnana Vijnana Yoga (30 श्लोक) - भगवान की परा और अपरा प्रकृति तथा चार प्रकार के भक्तों का रहस्य
अध्याय ८: अक्षरब्रह्मयोग
Akshara Brahma Yoga (28 श्लोक) - अंतकाल में प्रभु स्मरण, ॐ की महत्ता एवं जन्म-मरण चक्र से मुक्ति
अध्याय ९: राजविद्याराजगुह्ययोग
Raja Vidya Raja Guhya Yoga (34 श्लोक) - समस्त विद्याओं का राजा, परम गोपनीय ज्ञान एवं अनन्य भक्ति की महिमा
अध्याय १०: विभूतियोग
Vibhuti Yoga (42 श्लोक) - सृष्टि के कण-कण में परमात्मा के ऐश्वर्य और दिव्य विभूतियों का दर्शन
अध्याय ११: विश्वरूपदर्शनयोग
Vishwaroopa Darshana Yoga (55 श्लोक) - भगवान श्रीकृष्ण का अलौकिक विराट ब्रह्मांडीय स्वरूप दर्शन
अध्याय १२: भक्तियोग
Bhakti Yoga (20 श्लोक) - सगुण और निर्गुण भक्ति, भगवान के प्रिय भक्त के श्रेष्ठ सद्गुण
अध्याय १३: क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोग
Kshetra Kshetrajna Vibhaga Yoga (34 श्लोक) - शरीर (क्षेत्र) और आत्मा/परमात्मा (क्षेत्रज्ञ) का यथार्थ भेद
अध्याय १४: गुणत्रयविभागयोग
Gunatraya Vibhaga Yoga (27 श्लोक) - सत्व, रज और तम तीनों गुणों का विश्लेषण एवं गुणातीत अवस्था
अध्याय १५: पुरुषोत्तमयोग
Purushottama Yoga (20 श्लोक) - संसार रूपी उल्टा अश्वत्थ वृक्ष, क्षर, अक्षर और पुरुषोत्तम स्वरूप
अध्याय १६: दैवासुरसम्पद्विभागयोग
Daivasura Sampad Vibhaga Yoga (24 श्लोक) - दैवी संपदा (सद्गुण) और आसुरी संपदा (दुर्गुण) का भेद
अध्याय १७: श्रद्धात्रयविभागयोग
Shraddhatraya Vibhaga Yoga (28 श्लोक) - श्रद्धा के तीन प्रकार, आहार, यज्ञ, तप, दान एवं ॐ तत्सत् की महिमा
अध्याय १८: मोक्षसंन्यासयोग
Moksha Sanyasa Yoga (78 श्लोक) - त्याग और संन्यास का अंतिम निष्कर्ष, संपूर्ण शरणागति एवं परम मोक्ष
श्री सत्यनारायण व्रत कथा
सुख-समृद्धि, संकट निवारण, मनोकामना पूर्ति एवं सत्य की प्रतिष्ठा (व्रत समय: पूर्णिमा अथवा किसी भी शुभ गुरुवार)
करवा चौथ व्रत कथा
अखंड सौभाग्य, दांपत्य प्रेम और पति की दीर्घायु (व्रत समय: कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी)
सम्पूर्ण एकादशी व्रत कथा व महात्म्य
समस्त पापों का क्षय, मानसिक शांति, वैकुंठ प्राप्ति एवं मोक्ष (व्रत समय: प्रत्येक मास की शुक्ल व कृष्ण एकादशी (वर्ष में २४ एकादशियां))
हरतालिका तीज व्रत कथा
मनवांछित सुयोग्य वर की प्राप्ति, अखंड सौभाग्य एवं दांपत्य सुख (व्रत समय: भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया)
सोलह सोमवार व्रत कथा
मनोवांछित वर/वधू की प्राप्ति, दांपत्य कलह से मुक्ति और सर्व मनोकामना पूर्ति (व्रत समय: लगातार १६ सोमवार (श्रावण, चैत्र अथवा मार्गशीर्ष से प्रारंभ))
वैभव लक्ष्मी व्रत कथा
धन, वैभव, सुख, संपत्ति, कर्जमुक्ति एवं पारिवारिक शांति (व्रत समय: शुक्रवार (संकल्प अनुसार ११ या २१ शुक्रवार))
प्रदोष व्रत कथा
संतान सुख, रोग-शोक निवारण, ग्रह दोष शांति और शिव सायुज्य (व्रत समय: प्रत्येक मास की शुक्ल व कृष्ण पक्ष त्रयोदशी (प्रदोष काल))
संतोषी माता व्रत कथा
संताप और क्लेश का नाश, पारिवारिक सुख-शांति एवं मनोवांछित फल (व्रत समय: लगातार १६ शुक्रवार)
अहोई अष्टमी व्रत कथा
संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, रक्षा एवं संतानहीनता निवारण (व्रत समय: कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी)
जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत कथा
संतान को अकाल मृत्यु और संकटों से रक्षा, यशस्वी जीवन एवं दीर्घायु (व्रत समय: आश्विन कृष्ण पक्ष अष्टमी)
डिजिटल 108 जप माला
प्राकृतिक रुद्राक्ष मनका • ऊपर या नीचे स्वाइप करें अथवा स्पर्श करें





















