सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह (Sacred Vrat Katha)
सनातन परंपरा के सभी प्रमुख व्रतों की प्रामाणिक कथाएं, उपवास नियम, पूजा एवं उद्यापन विधि सहित।
श्री सत्यनारायण व्रत कथा
स्कन्द पुराण के रेवाखंड से उद्धृत भगवान श्री सत्यनारायण की पावन कथा। इसमें नारद जी की लोककल्याणकारी प्रार्थना पर भगवान विष्णु द्वारा सत्यनारायण व्रत का विधान बताया गया है। शतानंद ब्राह्मण, लकड़हारा, राजा उल्कामुख और साधु वैश्य की कथाएं सत्य और प्रभु भक्ति की महिमा को उजागर करती हैं।
करवा चौथ व्रत कथा
सुहागिन स्त्रियों का सर्वाधिक पावन एवं प्रतिष्ठित निर्जला महाव्रत। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
सम्पूर्ण एकादशी व्रत कथा व महात्म्य
पद्म पुराण में वर्णित एकादशी देवी की उत्पत्ति और एकादशी व्रत का सर्वोच्च महात्म्य। वर्ष की सभी 24 एकादशियों (निर्जला, देवशयनी, देवउठनी, उत्पन्ना आदि) में भगवान विष्णु की पूजा और अन्न त्याग का विधान है।
हरतालिका तीज व्रत कथा
माँ पार्वती द्वारा भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किए गए कठोर तप की पावन गाथा। 'हरत' (हरण) और 'आलिका' (सखी) अर्थात् सखियों द्वारा पार्वती जी का वन में हरण कर ले जाने के कारण इसका नाम हरतालिका तीज पड़ा।
सोलह सोमवार व्रत कथा
भगवान शिव और माता पार्वती के अमरावती नगर भ्रमण की पावन कथा। इसमें ब्राह्मण को कुष्ठ रोग से मुक्ति, राजकुमारी का स्वयंवर और सोलह सोमवार के चूरमे के प्रसाद की महिमा का वर्णन है।
वैभव लक्ष्मी व्रत कथा
माँ वैभव लक्ष्मी का अत्यंत सरल, चमत्कारी और शीघ्र फलदायी शुक्रवार व्रत। शीला और उसके पति की कथा द्वारा यह बताया गया है कि कैसे शुद्ध अंतःकरण और नियमपूर्वक किए गए व्रत से दरिद्रता दूर होकर अक्षय वैभव प्राप्त होता है।
प्रदोष व्रत कथा
स्कन्द पुराण में वर्णित प्रदोष व्रत कथा। सूर्यास्त के समय (प्रदोष काल में) जब भगवान शिव कैलाश पर्वत पर आनंद तांडव नृत्य करते हैं, उस समय शिव पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
संतोषी माता व्रत कथा
भगवान श्री गणेश की मानस पुत्री माँ संतोषी की पावन कथा। इसमें सात भाइयों की एक धर्मपरायण बहूरानी के धैर्य, भक्ति और खट्टी वस्तु के त्याग के नियम का सुंदर व प्रेरक वर्णन है।
अहोई अष्टमी व्रत कथा
माताओं द्वारा अपनी संतानों के कल्याण और दीर्घायु हेतु रखा जाने वाला निर्जला व्रत। साहुकार की पत्नी और सेह (साही) के बच्चों की अनजाने में हुई मृत्यु की मार्मिक कथा और अहोई माता की क्षमाशीलता का वर्णन।
जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत कथा
माताओं का अत्यंत कठोर 24 घंटे का निर्जला व्रत। महाभारत काल में अश्वत्थामा द्वारा उत्तरा के गर्भ पर चलाए गए ब्रह्मास्त्र से परीक्षित की रक्षा करने वाले भगवान श्रीकृष्ण और राजा जीमूतवाहन के आत्मबलिदान की अमर कथा।









