Lord Surya (भगवान श्री सूर्य देव)
🛕 Lord Surya (भगवान श्री सूर्य देव)

ॐ जय सूर्य भगवान (सूर्य देव आरती)

Om Jai Surya Bhagwan (Surya Aarti)

प्रत्यक्ष देवता भगवान भास्कर की यह पावन आरती आरोग्य, तेज, नेत्र ज्योति और आत्मबल प्रदान करने वाली है। प्रतिदिन प्रातः काल इसका गायन परम कल्याणकारी होता है।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम ही हो जगदेवा॥

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा...

🌸 ॐ 🌸

तुम तिमिरनाशक स्वामी, सहस्रकिरणधारी।

सकल भुवन उजियारा, करत हो सुखकारी॥

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा...

🌸 ॐ 🌸

सप्त अश्वरथ साजे, छवि अति मनभावन।

अरुण सारथी आगे, करत पंथ पावन॥

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा...

🌸 ॐ 🌸

ऋषि मुनि सुर नर ध्यावत, वेद पुरान बखाने।

रोग शोक सब नाशत, जो नित चरण ध्याने॥

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा...

🌸 ॐ 🌸

अर्घ्य समर्पित करते, जो नर प्रातः बेला।

तेज बल बुद्धि पावत, कटत पाप मेला॥

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा...

🌸 ॐ 🌸

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर देवा।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम ही हो जगदेवा॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

समस्त संसार के प्रत्यक्ष देवता भगवान भुवनभास्कर को हमारा कोटि-कोटि प्रणाम। आप सहस्र किरणों से अज्ञान और अंधकार का नाश कर संपूर्ण चराचर जगत को नवजीवन, आरोग्य और दिव्य प्रकाश प्रदान करते हैं।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ सूर्य देव की आरती कब करनी चाहिए?

सूर्य देव की आरती प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से अर्घ्य अर्पित करने के उपरांत करना सर्वोत्तम माना गया है।

❓ सूर्य आरती से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

सूर्य देव की नित्य आरती और ध्यान से नेत्र रोग, शारीरिक दुर्बलता और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा आत्मविश्वास और मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।