चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
Chalo Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai
त्रिकुटा पर्वत पर विराजने वाली माँ वैष्णो देवी के दर्शन की उत्कंठा और माता के बुलावें का अमर पावन भेंट भजन।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी, जय माता दी कहते जाओ,
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है॥
ऊंचे पर्वत भवन निराला,
सच्ची ज्योति माँ का उजाला।
चरण पादुका बाणगंगा नहाओ,
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है॥
अर्धकंवारी गुफा सुहानी,
भैरोनाथ को तारनहारी।
मनवांछित फल पावे जो ध्यावे,
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
माँ वैष्णो देवी की कृपा से ही उनके पावन दरबार में जाने का बुलावा आता है। जय माता दी का जयकारा लगाते हुए भक्त माता के पावन चरणों में शीश नवाते हैं।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ यह भेंट कब गाई जाती है?
नवरात्रि, वैष्णो देवी यात्रा एवं माता के जागरण व चौकी में यह सबसे प्रमुखता से गाई जाती है।
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