Lord Ganesha (भगवान श्री गणेश)
🛕 Lord Ganesha (भगवान श्री गणेश)

गाइये गणपति जगवंदन (तुलसीदास जी)

Gaiye Ganpati Jagvandan (Tulsidas)

गोस्वामी तुलसीदास जी रचित यह गणेश वंदना किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में गाई जाने वाली सर्वप्रमुख और शास्त्रीय स्तुति है।

🕉️ ॥ ध्रुवपद ॥

गाइये गणपति जगवंदन।

संकर सुवन भवानी के नंदन॥

🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद १ ॥

सिद्धि सदन गजवदन विनायक।

कृपासिंधु सुंदर सब लायक॥

गाइये गणपति जगवंदन॥

🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद २ ॥

मोदक प्रिय मुद मंगल दाता।

विद्या बारिधि बुद्धि विधाता॥

मांगत तुलसिदास कर जोरे।

बसहु रामसिय मानस मोरे॥

गाइये गणपति जगवंदन॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

समस्त जगत द्वारा वंदनीय, भगवान शिव और माता पार्वती के नंदन श्री गणेश जी का गान कीजिए। वे बुद्धि, विद्या और सिद्धियों के दाता हैं।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ यह भजन किसने लिखा है?

यह गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा विनय पत्रिका में रचित अत्यंत प्रसिद्ध पद है।