श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् (Vishnu Sahasranamam)
भीष्म पितामह द्वारा शरशैया पर धर्मराज युधिष्ठिर को दिया गया श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र सनातन धर्म का परम जाग्रत महामंत्र है। इसके पाठ से ग्रह-बाधा, रोग और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
❓ श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् (Vishnu Sahasranamam) से संबंधित मुख्य प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. विष्णु सहस्रनाम का पाठ किस दिन करना चाहिए?
गुरुवार, एकादशी तिथि और पूर्णिमा के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष रूप से पुण्यदायी और मोक्षप्रद माना गया है।
🌸 अन्य पावन स्तोत्र व स्तुतियाँ
श्री शिव ताण्डव स्तोत्रम् (Shiv Tandav Stotram)
लंकानरेश रावण द्वारा रचित शिव ताण्डव स्तोत्रम् भगवान शिव के नटराज स्वरूप का अप्रतिम संस्कृत काव्य है। इसके पाठ से वाणी में ओज, आत्मविश्वास और शिव सायुज्य की प्राप्ति होती है।
मधुराष्टकम् (Madhurashtakam)
श्रीमद् वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित मधुराष्टकम् भगवान श्री कृष्ण के सौन्दर्य और माधुर्य का साक्षात् अमृत है। इसमें प्रभु के प्रत्येक रूप, वचन, गति और लीला को मधुर कहा गया है।
कनकधारा स्तोत्रम् (Kanakadhara Stotram)
जगतगुरु आदि शंकराचार्य जी द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र माँ महालक्ष्मी की अमोघ कृपा प्राप्त करने वाला दिव्य स्तोत्र है। इसके सस्वर पाठ से दरिद्रता का नाश और अखंड ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।


