Lord Brihaspati / Vishnu (गुरु बृहस्पति / श्री हरि)
🛕 Lord Brihaspati / Vishnu (गुरु बृहस्पति / श्री हरि)

जय वृहस्पति देवा (बृहस्पतिवार आरती)

Jai Brihaspati Deva (Thursday Aarti)

देवगुरु बृहस्पति की यह पावन आरती विद्या, सदबुद्धि, विवाह बाधा निवारण और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए गुरुवार के दिन की जाती है।

जय वृहस्पति देवा, ॐ जय वृहस्पति देवा।

छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।

जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।

सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।

प्रभु प्रकट तब होकर, संकट दूर करें॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

विद्या, बुद्धि, तेज बल, जो कोई जन मागे।

सकल मनोरथ पूरण, सब संशय भागे॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।

आनन्द प्रमोद सहित, सुख सम्पति पावे॥ ॐ जय वृहस्पति देवा...

🌸 ॐ 🌸

जय वृहस्पति देवा, ॐ जय वृहस्पति देवा।

छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

देवताओं के पूज्य गुरु भगवान बृहस्पति की कृपा से अज्ञान का अंधकार नष्ट होता है। जो मनुष्य केले के वृक्ष का पूजन कर पीले पुष्प, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाकर यह आरती करता है, उसके घर में ज्ञान, ऐश्वर्य और सुख-शांति का वास होता है।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ बृहस्पति देव की आरती किस दिन की जाती है?

यह आरती मुख्य रूप से गुरुवार के व्रत में, पीले वस्त्र धारण कर केले के वृक्ष अथवा भगवान विष्णु के समक्ष की जाती है।

❓ बृहस्पतिवार की आरती से क्या लाभ मिलते हैं?

विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, ज्ञान और विद्या में वृद्धि होती है तथा भाग्य का साथ मिलता है।