नमो नमो जी शंकरा (भोलेनाथ भजन)
Namo Namo Ji Shankara
देवाधिदेव महादेव शिव जी के भोला भंडारी और करुणामय स्वरूप की वंदना करता यह अत्यंत ओजस्वी और शक्तिशाली शिव भजन।
🕉️ ॥ ध्रुवपद ॥
जय हो जय हो शंकरा, भोलेनाथ शंकरा।
आदिदेव महेश्वरा, नमो नमो जी शंकरा॥
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद १ ॥
चंद्रमा ललाट पे, भस्म अंग सोहती,
गंग की तरंग से, जटाएं पावन होतीं।
नीलकंठ त्रिशूलधारी, नमो नमो जी शंकरा॥
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद २ ॥
भक्त की पुकार पे, दौड़े चले आते हो,
विष पीके जग को, अमृत पिलाते हो।
भोलेनाथ कृपानिधान, नमो नमो जी शंकरा॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
आदिदेव महादेव भोलेनाथ के मस्तक पर चंद्रमा और जटाओं में गंगा विराजती हैं। वे भक्तों के संकट दूर करने वाले और संसार की रक्षा के लिए विष पीने वाले दयालु हैं।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ नमो नमो जी शंकरा भजन का नित्य श्रवण किस दिन विशेष माना जाता है?
सोमवार, प्रदोष व्रत एवं महाशिवरात्रि के दिन इस भजन का गायन और श्रवण विशेष रूप से पुण्यदायी है।


