श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन (राम स्तुति व आरती)
Shree Ramchandra Kripalu Bhaju Man (Ram Aarti)
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित यह पावन राम स्तुति भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिव्य सौंदर्य, शील और कृपा का अनुपम गुणगान करती है।
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
हे मन! कृपालु श्रीरामचंद्रजी का भजन कर, जो संसार के दारुण भय को हरने वाले हैं। जिनके नेत्र, मुख, हाथ और चरण नवीन लाल कमल के समान हैं। हे दशरथनंदन, आप मेरे हृदय-कमल में सदा वास करें।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ श्री राम स्तुति का पाठ कब करना चाहिए?
प्रतिदिन प्रातः पूजन तथा रामनवमी, सुंदरकांड एवं रामायण पाठ के समापन पर इसका गायन अत्यंत शुभकारी है।


