कालभैरवाष्टकम् (Kalabhairav Ashtakam)
आदि शंकराचार्य जी द्वारा रचित कालभैरवाष्टकम् काशी के अधिपति कालभैरव की परम स्तुति है। इसके पाठ से काल-भय, अकाल मृत्यु, शत्रुभय और ग्रहदोषों का समूल नाश होता है।
❓ कालभैरवाष्टकम् (Kalabhairav Ashtakam) से संबंधित मुख्य प्रश्नोत्तर (FAQs)
1. कालभैरवाष्टकम् के पाठ से क्या लाभ होते हैं?
इसके पाठ से भूत-प्रेत बाधा, तंत्र बाधा, शनि और राहु की महादशा का अशुभ प्रभाव समाप्त होता है तथा मन निर्भय होता है।
🌸 अन्य पावन स्तोत्र व स्तुतियाँ
श्री शिव ताण्डव स्तोत्रम् (Shiv Tandav Stotram)
लंकानरेश रावण द्वारा रचित शिव ताण्डव स्तोत्रम् भगवान शिव के नटराज स्वरूप का अप्रतिम संस्कृत काव्य है। इसके पाठ से वाणी में ओज, आत्मविश्वास और शिव सायुज्य की प्राप्ति होती है।
मधुराष्टकम् (Madhurashtakam)
श्रीमद् वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित मधुराष्टकम् भगवान श्री कृष्ण के सौन्दर्य और माधुर्य का साक्षात् अमृत है। इसमें प्रभु के प्रत्येक रूप, वचन, गति और लीला को मधुर कहा गया है।
कनकधारा स्तोत्रम् (Kanakadhara Stotram)
जगतगुरु आदि शंकराचार्य जी द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र माँ महालक्ष्मी की अमोघ कृपा प्राप्त करने वाला दिव्य स्तोत्र है। इसके सस्वर पाठ से दरिद्रता का नाश और अखंड ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।


