Shri Khatu Shyam Ji (खाटू श्याम बाबा)
🛕 Shri Khatu Shyam Ji (खाटू श्याम बाबा)

ॐ जय श्री श्याम हरे (खाटू श्याम जी की आरती)

Om Jai Shri Shyam Hare (Khatu Shyam Aarti)

कलियुग के अवतारी और शीश के दानी भगवान खाटू श्याम जी की आरती 'हारे के सहारे' के रूप में जीवन की हर निराशा को आशा और विजय में बदल देती है।

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।

खाटू धाम विराजे, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

शीश के दानी प्रभु जी, कलियुग में ध्यावे।

जो ध्यावे मनवांछित, सो नर फल पावे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

मोर मुकुट पीताम्बर, कुण्डल कानन में।

केसर तिलक विराजत, पावन आनन में॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

तीन बाण के धारी, लखदातार कहावे।

हारे का है सहारा, भक्तन उर भावे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

पान सुपारी इलायची, मावा पेड़ा भोग लगे।

चरणामृत पावत ही, मन की प्यास बुझे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

आरती जो कोई गावै, श्याम चरण लिपटाय।

कष्ट क्लेश सब कटिहैं, आनन्द मंगल थाय॥ ॐ जय श्री श्याम हरे...

🌸 ॐ 🌸

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।

खाटू धाम विराजे, अनुपम रूप धरे॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

भगवान श्री कृष्ण के वरदान से पूजित बर्बरीक रूपी खाटू श्याम बाबा शीश के दानी हैं। जो व्यक्ति संसार में हर ओर से हार जाता है, बाबा श्याम उसका सहारा बनकर उसकी नैया पार लगाते हैं।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ खाटू श्याम जी को 'हारे का सहारा' क्यों कहा जाता है?

महाभारत युद्ध में भगवान श्री कृष्ण को अपना शीश दान करने वाले बर्बरीक को प्रभु ने वरदान दिया था कि कलियुग में जो भी हताश व निराश व्यक्ति तुम्हारी शरण में आएगा, तुम उसके परम सहायक बनोगे।

❓ श्याम बाबा को क्या भोग अर्पित किया जाता है?

खाटू श्याम जी को मावे के पेड़े, चूरमा, कच्चा दूध, खीर और गुलाब के ताजे फूलों का इत्र अर्पित करना विशेष प्रिय है।