Maa Annapurna (माँ अन्नपूर्णा देवी)
🛕 Maa Annapurna (माँ अन्नपूर्णा देवी)

माँ अन्नपूर्णा देवी की आरती

Maa Annapurna Devi Ki Aarti

काशी की अधिष्ठात्री एवं भगवान भोलेनाथ को भी भिक्षा देने वाली भगवती अन्नपूर्णा की यह आरती घर में अन्न, धन और आरोग्य के अखंड भंडार भरती है।

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम।

जो जन तुमको ध्यावे, सो नर पावे विश्राम॥ बारम्बार प्रणाम...

🌸 ॐ 🌸

काशी पुर की स्वामिनी, देवाधिदेव महेश।

भिक्षा मांगन आए, त्रिभुवन पति सर्वेश॥ बारम्बार प्रणाम...

🌸 ॐ 🌸

स्वर्ण सिंहासन शोभित, रतन जड़ित भण्डार।

हाथ करछुल स्वर्ण की, भरत सकल संसार॥ बारम्बार प्रणाम...

🌸 ॐ 🌸

अन्न धन सुख सम्पति, देत भक्त को आप।

जो तेरे गुण गावे, कटत सकल संताप॥ बारम्बार प्रणाम...

🌸 ॐ 🌸

दीन दुखी सब द्वार पे, ठाढ़े शीश नवाय।

अमृत भोजन पायके, मनवांछित फल पाय॥ बारम्बार प्रणाम...

🌸 ॐ 🌸

श्री अन्नपूर्णा मात की, आरती जो जन गाय।

अखंड भंडार भरत नित, सुख सम्पति घर आय॥

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

काशी की स्वामिनी माँ अन्नपूर्णा के चरणों में बारम्बार प्रणाम है। साक्षात् भगवान महादेव ने भी जिनसे भिक्षा प्राप्त की थी, वे माँ अन्नपूर्णा अपने स्वर्ण कलश और करछुल से समस्त संसार का पोषण करती हैं। माँ की कृपा से घर में कभी अन्न और धन का अभाव नहीं रहता।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ माँ अन्नपूर्णा की आरती किस समय करनी चाहिए?

प्रातः रसोई में भोजन पकाने से पूर्व अथवा भोजन समर्पण के समय माँ अन्नपूर्णा का स्मरण व आरती कल्याणकारी होती है।

❓ माँ अन्नपूर्णा की पूजा से क्या लाभ होते हैं?

परिवार में कभी दरिद्रता नहीं आती, घर में अन्नपूर्णा का अक्षय भंडार बना रहता है और परिजनों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।