Maa Durga (भगवती माँ दुर्गा)
🛕 Maa Durga (भगवती माँ दुर्गा)

श्री दुर्गा बत्तीस नामावली

Shri Durga Dvatrimshan Namavali

माँ दुर्गा के 32 अलौकिक नामों की यह नामावली घोर संकट, अकाल मृत्यु के भय, शत्रु बाधा और असाध्य कष्टों से तत्काल मुक्ति दिलाने वाला रामबाण स्तोत्र है।

🕉️ ॥ श्री दुर्गा द्वात्रिंशन्नामावली ॥

दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्विनिवारिणी।

दुर्गमच्छेदनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी॥ १ ॥

🌸 ॐ 🌸

दुर्गतोद्धारिणी दुर्गनिहन्त्री दुर्गमापहा।

दुर्गमज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला॥ २ ॥

🌸 ॐ 🌸

दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी।

दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविद्या दुर्गमाश्रिता॥ ३ ॥

🌸 ॐ 🌸

दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी।

दुर्गमोहा दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी॥ ४ ॥

🌸 ॐ 🌸

दुर्गमासुरसंहन्त्री दुर्गमायुधधारिणी।

दुर्गमाङ्गी दुर्गमता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी॥ ५ ॥

🌸 ॐ 🌸

दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्गभा दुर्गदारिणी।

नामावलिमिमां यस्तु दुर्गाया मम मानवः॥ ६ ॥

🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ फलश्रुतिः ॥

पठेत् सर्वभयान्मुक्तो भविष्यति न संशयः।

शत्रुभिः पीड्यमानो वा दुर्गबन्धगतोऽपि वा॥

द्वात्रिंशन्नामपाठेन मुच्यते नात्र संशयः॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

माँ दुर्गा के यह 32 नाम समस्त आपदाओं, संकटों और दुर्गम परिस्थितियों को नष्ट करने वाले हैं। जो मनुष्य शत्रुओं से पीड़ित हो, या किसी कारागार अथवा गंभीर संकट में फंसा हो, वह यदि इस 32 नामावली का श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह निश्चय ही समस्त भयों से मुक्त हो जाता है।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ दुर्गा बत्तीस नामावली का पाठ कब करना चाहिए?

नवरात्रि, मंगलवार, शुक्रवार अथवा जीवन में किसी अचानक आए घोर संकट के समय इसका 11, 21 या 108 बार पाठ करना चाहिए।

❓ इसके पाठ से क्या लाभ होते हैं?

असाध्य कार्य सिद्ध होते हैं, कोर्ट-कचहरी और शत्रुओं के भय से मुक्ति मिलती है और माँ भगवती की अमोघ रक्षा प्राप्त होती है।