1. हमारा पावन संकल्प (Our Mission & Vision)
प्रभु वंदन (prabhuvandan.com) का प्रादुर्भाव एक पावन उद्देश्य के साथ हुआ—सनातन धर्म के प्राचीन वैदिक ज्ञान, देव-स्तुतियों, आरतियों, चालीसाओं, श्रीमद्भगवद्गीता और पौराणिक आख्यानों को शुद्ध, प्रामाणिक और सहज सुलभ रूप में जन-जन तक पहुँचाना।
आज की तीव्र गति वाली आधुनिक जीवनशैली में भी हमारी युवा पीढ़ी और समस्त भक्तगण अपनी जड़ों से जुड़े रहें, नित्य दैनिक पूजा-अर्चना के सही नियम जान सकें, प्रामाणिक पंचांग से शुभ मुहूर्त ज्ञात कर सकें और प्रभु नाम का स्मरण कर सकें—यही प्रभु वंदन की मूल प्रेरणा एवं सामाजिक संकल्प है।
2. संपादकीय नेतृत्व एवं विशेषज्ञ मंडल (Editorial Leadership & E-E-A-T)
प्रभु वंदन पर प्रकाशित समस्त सामग्री निष्पक्षता, प्रामाणिकता और गहन शास्त्रीय शोध के साथ तैयार की जाती है। हमारे संपादकीय मंडल का संक्षिप्त परिचय:
धर्मदत्त शर्मा (Dharmdutt Sharma)
मुख्य संपादक एवं प्रकाशक (Founder, Chief Editor & Publisher)सनातन संस्कृति, वैदिक अध्ययन एवं डिजिटल मीडिया शोधकर्ता। प्रभु वंदन के सम्पूर्ण संकलन, तकनीकी विकास एवं शास्त्रीय शुद्धता सत्यापन का प्रत्यक्ष संचालन।
संपादकीय एवं संस्कृत शोध दल
वैदिक साहित्य एवं व्याकरण परामर्शदातासंस्कृत श्लोकों के शुद्ध अनुष्टुप व त्रिष्टुप छन्दों, मन्त्रोच्चार, सस्वर पाठ एवं हिंदी भावार्थ के यथार्थ परीक्षण हेतु समर्पित विद्वान दल।
3. तथ्य-शोधन नीति एवं सन्दर्भ स्रोत (Fact-Checking & Sourcing Policy)
धार्मिक ग्रंथों में मुद्रण एवं उच्चारण की शुद्धता का अत्यधिक महत्व है। प्रभु वंदन की संपादकीय नीति के अनुसार किसी भी पाठ को प्रकाशित करने से पूर्व निम्नलिखित तीन-चरणीय सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाती है:
- मूल पाठ संकलन: प्रतिष्ठित शास्त्रीय मुद्रणों से मूल संस्कृत अथवा अवधी/ब्रज पंक्तियों का संचयन।
- द्वैध मिलान (Cross-Verification): गीता प्रेस (गोरखपुर) के मानक प्रकाशनों, वाल्मीकि रामायण तथा चौखम्बा संस्कृत ग्रंथावली के प्रामाणिक प्रतियों से वर्तनी एवं मात्राओं का मिलान।
- भावार्थ एवं ऐतिहासिक संदर्भ: प्रत्येक आरती व चालीसा के रचयिता, पृष्ठभूमि और पूजा विधि का प्रामाणिक ऐतिहासिक संदर्भ जोड़ना।
- गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित प्रामाणिक संस्करण (श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता, कल्याण विशेषांक, स्तोत्र रत्नावली)।
- महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण एवं प्रमुख अठारह महापुराण।
- पारंपरिक वैदिक संहिताओं के शुद्ध स्वर-चिह्नित मंत्र एवं निर्णय सिन्धु / धर्मसिन्धु।
- दैनिक पंचांग व चौघड़िया गणना हेतु राष्ट्रीय दृक्-सिद्ध खगोलीय गणितीय सिद्धांत।
4. हमारी प्रमुख आध्यात्मिक एवं तकनीकी विशेषताएं
प्रभु वंदन केवल एक सूचनात्मक वेबसाइट नहीं है, बल्कि प्रत्येक साधक का एक संपूर्ण डिजिटल मंदिर है:
- विस्तृत पावन संग्रह: 29 प्रमुख देवी-देवताओं की आरतियाँ, 24 सिद्ध चालीसा पाठ, 24 वैदिक मन्त्र व स्तोत्र, तथा 23 लोकप्रिय भजन शुद्ध देवनागरी लिपि एवं भावार्थ सहित।
- सम्पूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता (18 अध्याय): भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए अमर उपदेश के 18 अध्याय—मूल संस्कृत श्लोक, हिंदी अनुवाद एवं दैनिक जीवन में कर्मयोग की सीख।
- वैदिक पंचांग एवं चौघड़िया मुहूर्त: सटीक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, दैनिक शुभ मुहूर्त (अभिजीत), राहु काल तथा दिन व रात के चौघड़िया का सजीव प्रदर्शन।
- 108 मनका डिजिटल जप माला: वास्तविक माला के स्पर्श और सात्त्विक आभास के साथ डिजिटल जप काउंटर, जिसमें माला पूर्ण होने पर स्वतः गणना होती है।
- सम्पूर्ण तीर्थ दर्शन गाइड: भारत एवं विदेश के 44+ प्रमुख सनातन तीर्थों (चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग, 51 शक्तिपीठ) का इतिहास, समय, पहुँचने के मार्ग व नियम।
- PWA ऑफलाइन सुविधा: आप हमारी वेबसाइट को अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर ऐप की तरह इंस्टॉल कर सकते हैं और बिना इंटरनेट के भी पूजा-पाठ कर सकते हैं।
5. विज्ञापन एवं सात्त्विक मर्यादा नीति (Ethical Ad Standards)
प्रभु वंदन एक निःशुल्क सेवा है। उच्च क्षमता के क्लाउड सर्वर, CDN वितरण, तीव्र लोडिंग गति और निरंतर तकनीकी अद्यतन के व्यय को वहन करने के लिए हम Google AdSense के विज्ञापनों का मर्यादित उपयोग करते हैं।
हमारी स्पष्ट नीति है कि साधना और पाठ के दौरान भक्तों के ध्यान में कोई अनुचित बाधा न आए। हम आक्रामक, भ्रामक, जुआ, मदिरा अथवा अश्लील विज्ञापनों को अपने मंच पर पूरी तरह प्रतिबंधित रखते हैं तथा Google की Better Ads Standards नीति का अक्षरशः पालन करते हैं।
6. संपादकीय संपर्क (Editorial Contact)
👤 मुख्य संपादक: धर्मदत्त शर्मा (Dharmdutt Sharma)
📧 ईमेल: support@dharmdutt.com
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