रघुपति राघव राजा राम (राम धुन)
Raghupati Raghav Raja Ram
सनातन परंपरा की सर्वाधिक लोकप्रिय और सर्वप्रिय राम धुन "रघुपति राघव राजा राम" मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण का पावन उद्घोष है।
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीताराम॥
सीताराम सीताराम,
भज प्यारे तू सीताराम॥
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,
सबको सन्मति दे भगवान॥
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीताराम॥
राम रहीम कृष्ण करीम,
सबमें व्यापक एक ही राम॥
दीन दुखियों के तुम आधार,
करुणा निधान प्रभु करतार॥
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीताराम॥
सुंदर विग्रह सुखद स्वरूप,
जय दशरथ नंदन भूपति भूप॥
चरण कमल में शीश नवाएं,
निसिदिन तेरे ही गुण गाएं॥
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीताराम॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
भगवान श्री राम रघुवंश के शिरोमणि और पतितों का उद्धार करने वाले परम कृपालु हैं। माता सीता और प्रभु श्री राम का निरंतर स्मरण करने से मनुष्य को परम शांति, सद्बुद्धि और मुक्ति की प्राप्ति होती है।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ रघुपति राघव राजा राम भजन का क्या महत्व है?
यह भजन भगवान श्री राम की पतित-पावन और दयालु स्वरूप की वंदना करता है, जिससे चित्त शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।
❓ रघुपति राघव राजा राम का नित्य श्रवण कब करना चाहिए?
प्रातःकाल या संध्या वंदन के समय इसका श्रवण और गायन अत्यंत मंगलकारी और शांतिदायक माना गया है।


