Lord Kubera (धनाधिपति श्री कुबेर देव)
🛕 Lord Kubera (धनाधिपति श्री कुबेर देव)

श्री कुबेर चालीसा

Shri Kuber Chalisa

समस्त ब्रह्मांड के धनाध्यक्ष एवं भगवान शिव के परम सखा यक्षराज कुबेर की यह पावन चालीसा आर्थिक तंगी, कर्ज और दरिद्रता को दूर कर वैभव और ऐश्वर्य प्रदान करती है।

📜 ॥ दोहा ॥

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर।

वैसे ही स्वर्ग सभा में गाजे देव कुबेर॥

शिव सखा तुम यक्षपति, धन के हो भंडार।

कृपा दृष्टि मोहि दीजिये, करूँ मैं जय-जयकार॥

🌸 ॐ 🌸
🪔 ॥ चौपाई ॥

जय जय यक्षराज कुबेरा। धनपति देव हरहु दुख घेरा॥

अलकापुरी धाम तुम्हारा। स्वर्ग लोक में राज पसारा॥

🌸 ॐ 🌸

शिव शंकर के परम दुलारे। भक्ति भाव से मन को हारे॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि के स्वामी। त्रिभुवन पूजित अंतरयामी॥

🌸 ॐ 🌸

मुकुट मनोहर शीश विराजे। स्वर्ण आभ तन अतिशय साजे॥

गदा हस्त नकुलक संग लावे। रत्न जटित कलश मन भावे॥

🌸 ॐ 🌸

दीपावली धनतेरस पूजा। तुम सम दाता और न दूजा॥

माँ लक्ष्मी संग आसन पाओ। घर-आँगन में खुशियाँ लाओ॥

🌸 ॐ 🌸

व्यापार में वृद्धि कराओ। ऋण संकट से मुक्ति दिलाओ॥

निर्धन जन जब विनय सुनावे। कुबेर कृपा से धनपति कहावे॥

🌸 ॐ 🌸

जो नर नित्य पढ़े चालीसा। तापर कृपा करें यक्षीशा॥

तिजोरी सदा भरी रह जावे। कंगाली कभी निकट न आवे॥

🌸 ॐ 🌸
📜 ॥ दोहा ॥

धनपति कुबेर की कृपा से, होय सकल कल्याण।

सुख सम्पति वैभव मिले, बढ़े मान सम्मान॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

अलकापुरी के अधिपति और भगवान शिव के अनुग्रह से समस्त लोक के कोषाध्यक्ष बने श्री कुबेर देव की यह चालीसा दरिद्रता और आर्थिक कष्टों का नाश करती है। लक्ष्मी जी के साथ कुबेर देव का पूजन करने से घर में धन और धान्य के भंडार सदा भरे रहते हैं।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ कुबेर चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?

प्रतिदिन प्रातः या संध्या समय, विशेषकर धनतेरस, दीपावली और पूर्णिमा के दिन इसका पाठ करना सर्वाधिक शुभ होता है।

❓ कुबेर जी का मंत्र क्या है?

'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥' कुबेर देव का अमोघ मंत्र है।