Kuber Dev (धनाध्यक्ष कुबेर देव)
🛕 Kuber Dev (धनाध्यक्ष कुबेर देव)

श्री धनतेरस एवं कुबेर देव पूजन विधि (प्रदोष काल)

Dhanteras & Kuber Dev Pooja Vidhi (Pradosh Kaal)

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (धनतेरस) को आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि और धन के अधिपति यक्षराज कुबेर देव की पूजा से घर में आरोग्य, धन-धान्य और अक्षय समृद्धि का वास होता है।

🕉️ ॥ पूर्व तैयारी एवं सामग्री व्यवस्था ॥
आवश्यक पूजन सामग्री:
विधि: कुबेर यंत्र / प्रतिमा, धन्वन्तरि जी का चित्र, नया खरीदा गया बर्तन या आभूषण, रोली, अक्षत, कलावा, पीला चन्दन, कमल गट्टा, धनिया (साबुत), गुड़, कौड़ियां, घी का दीपक, चौमुखी मिट्टी का दीया (यम दीप हेतु)।
📿 मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
🕉️ ॥ चरण १: घर की उत्तर दिशा में कुबेर चौकी ॥
चौकी स्थापना एवं शुद्धि:
विधि: धनतेरस की संध्या को घर की उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) में लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं। उस पर कुबेर यंत्र, भगवान धन्वन्तरि और लक्ष्मी-गणेश जी को स्थापित करें।
📿 मंत्र: ॐ कुबेराय नमः। ॐ धन्वन्तरये नमः। ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
🕉️ ॥ चरण २: अक्षत, चंदन एवं नवीन वस्तु पूजन ॥
तिजोरी व बर्तनों का पूजन:
विधि: खरीदी गई नवीन धातुओं (सोना, चांदी, पीतल या बर्तन) को गंगाजल से शुद्ध कर चौकी पर रखें। उन पर रोली व चन्दन से स्वास्तिक बनाएं और अक्षत व पुष्प अर्पित करें।
📿 मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
🕉️ ॥ चरण ३: साबुत धनिया एवं कौड़ी अर्पण ॥
समृद्धि के पावन प्रतीक:
विधि: कुबेर देव और माता लक्ष्मी को साबुत सूखा धनिया और पीली कौड़ियां अर्पित करें। यह धन-वृद्धि और कृषि-व्यापार में बरकत का परम प्रतीक माना जाता है।
📿 मंत्र: ॐ धनाय नमो नमः। ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं कुबेराय नमः॥
🕉️ ॥ चरण ४: यम दीपदान (अकाल मृत्यु निवारण) ॥
घर के मुख्य द्वार पर दीपदान:
विधि: प्रदोष काल में एक चौमुखी मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल और बत्ती डालकर जलाएं। उसमें एक सिक्का व कौड़ी डालें और घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के निमित्त रखें।
📿 मंत्र: मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥
🕉️ ॥ चरण ५: आरती एवं कुबेर मंत्र जप ॥
आरती एवं क्षमा याचना:
विधि: घी के दीपक से कुबेर देव, धन्वन्तरि जी और माँ लक्ष्मी की आरती करें। 108 बार कुबेर मंत्र का जप करें और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
📿 मंत्र: ॐ यक्षराजाय विद्महे अलकाधीशाय धीमहि तन्नो कुबेरः प्रचोदयात्॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

कुबेर देव तीनों लोकों के धनाध्यक्ष और धनवंतरी जी आरोग्य के देव हैं। धनतेरस पर इनकी पूजा करने से घर में अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और धन व स्वास्थ्य की स्थिरता बनी रहती है।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ धनतेरस पर यम दीपदान किस दिशा में करना चाहिए?

यम दीपदान घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रदोष काल में किया जाता है।

❓ धनतेरस पर धनिया खरीदना क्यों शुभ माना जाता है?

साबुत धनिया समृद्धि और उपजाऊपन का प्रतीक है, जिसे पूजा के बाद तिजोरी या गमले में बोना अत्यंत कल्याणकारी होता है।