सजा दो घर को गुलशन सा
Saja Do Ghar Ko Gulshan Sa Mere Sarkar Aaye Hain
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आगमन के आनंद और उत्सव को व्यक्त करने वाला यह भजन हर सनातनी उत्सव में गूंजता है।
🕉️ ॥ ध्रुवपद ॥
सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आए हैं।
लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
अवध में राम आए हैं॥
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद १ ॥
पखारो इनके चरणों को,
बहाकर प्रेम की गंगा।
बिछा दो अपनी पलकों को,
मेरे भगवान आए हैं॥
सजा दो घर को गुलशन सा...
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद २ ॥
उमड़ आई मेरी आंखें,
देखकर अपने रघुवर को।
सफल हुआ आज ये जीवन,
अवध के प्राण आए हैं॥
सजा दो घर को गुलशन सा...
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
प्रभु श्री राम के आगमन पर सम्पूर्ण नगर और कुटिया को उत्सव के रूप में सजाया गया है। भक्तों के नेत्रों में आनंद के अश्रु हैं और जीवन धन्य हो गया है।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ यह भजन किस अवसर पर विशेष रूप से गाया जाता है?
दीपावली, रामनवमी, प्राण प्रतिष्ठा उत्सव एवं किसी भी शुभ गृह-प्रवेश पर यह भजन अत्यंत उल्लास से गाया जाता है।


