Khatu Shyam Ji (शीश के दानी खाटू नरेश)
🛕 Khatu Shyam Ji (शीश के दानी खाटू नरेश)

श्री खाटू श्याम जी एकादशी पूजन एवं भोग विधि (घर पर)

Shri Khatu Shyam Ji Ekadashi Pooja & Bhog Vidhi

कलयुग के अवतारी लखदातार श्री खाटू श्याम जी का घर पर शुद्ध भाव से पूजन करने, इत्र व गुलाब के पुष्प अर्पित करने और खीर-चूरमा का भोग लगाने से हारे हुए व्यक्ति को भी विजय प्राप्त होती है।

🕉️ ॥ पूर्व तैयारी एवं सामग्री व्यवस्था ॥
आवश्यक पूजन सामग्री:
विधि: खाटू श्याम जी की प्रतिमा या सुंदर शीश का चित्र, गुलाब का शुद्ध इत्र, गुलाब व गेंदे के ताजे पुष्प, कच्चा दूध, गंगाजल, गाय के घी का दीपक, पंचमेवा, बाजरा/गेहूं का चूरमा, शुद्ध मावे का पेड़ा या खीर, कच्ची धूप, मोरछड़ी (ऐच्छिक)।
📿 मंत्र: ॐ श्री श्याम देवाय नमः। ॐ शीश के दानिभ्यां नमः॥
🕉️ ॥ चरण १: चौकी सजावट एवं ज्योत प्रज्वलन ॥
श्याम बाबा की पावन चौकी:
विधि: शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी को पूर्व दिशा में चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाएं। उस पर बाबा श्याम का शीश स्थापित करें और गाय के शुद्ध घी की अखंड ज्योत प्रज्वलित करें।
📿 मंत्र: ॐ नमो भगवते श्याम देवाय। हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा॥
🕉️ ॥ चरण २: गंगाजल स्नान एवं दिव्य इत्र सेवा ॥
गुलाब इत्र अर्पण:
विधि: बाबा की प्रतिमा को गंगाजल मिश्रित जल से स्नान कराएं। तत्पश्चात रुई (कॉटन) के फाहे में गुलाब का शुद्ध इत्र लगाकर बाबा के श्री विग्रह और चरणों में अर्पित करें।
📿 मंत्र: ॐ सुगन्धं समर्पयामि। श्री श्याम शरणं मम॥
🕉️ ॥ चरण ३: पुष्प श्रृंगार एवं मोरपंख अर्पण ॥
अलौकिक फूलों का श्रृंगार:
विधि: खाटू नरेश को लाल गुलाब और पीले गेंदे के फूलों से सुंदर श्रृंगार करें। उनके शीश पर मोरपंख अर्पित करें।
📿 मंत्र: ॐ बर्बरीकाय नमः। ॐ सर्वकल्याणकारकाय नमः॥
🕉️ ॥ चरण ४: खीर-चूरमा का प्रिय भोग ॥
परम प्रिय भोग समर्पण:
विधि: बाबा श्याम को शुद्ध देशी घी में बना चूरमा, केसरिया खीर और मावे के पेड़े का भोग लगाएं। भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें।
📿 मंत्र: ॐ नैवेद्यं निवेदयामि। जीमो जीमो साँवरा छप्पन भोग तैयार है॥
🕉️ ॥ चरण ५: एकादशी कीर्तन एवं श्याम आरती ॥
भावपूर्ण कीर्तन व आरती:
विधि: परिवार के साथ बैठकर 'हारे के सहारे आजा', 'खाटू वाले श्याम बिहारी' भजनों का कीर्तन करें। अंत में 'ॐ जय श्री श्याम हरे' आरती गाकर मोरछड़ी से सभी को आशीर्वाद दें।
📿 मंत्र: ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजे, अनुपम रूप धरे॥

🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:

खाटू श्याम जी कलयुग के प्रत्यक्ष देव और हारे हुए के सच्चे साथी हैं। जो भक्त शुद्ध अंतःकरण से एकादशी पर उनकी ज्योत जलाकर खीर-चूरमे का भोग लगाता है, उसके समस्त संकट मिट जाते हैं।

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

❓ खाटू श्याम जी की पूजा के लिए कौन सा दिन सर्वोत्तम माना जाता है?

प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी तिथि तथा फाल्गुन मास का मेला बाबा श्याम की पूजा के लिए सर्वोत्तम है।

❓ बाबा श्याम को भोग में क्या सबसे अधिक प्रिय है?

बाबा श्याम को शुद्ध देशी घी का चूरमा, खीर, मावे के पेड़े और कच्चा दूध अत्यंत प्रिय हैं।