छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल
Chhoti Chhoti Gaiya Chhote Chhote Gwal
भगवान श्री कृष्ण की वृंदावन बाल-लीलाओं, गो-चारण और बाल-सखाओं के संग माखन खाने का अत्यंत मनोहारी और आनंदमयी भजन।
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
आगे आगे गैया, पीछे पीछे ग्वाल,
बीच में मेरो मदन गोपाल।
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल,
श्यामल श्यामल मेरो मदन गोपाल।
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल,
माखन खावे मेरो मदन गोपाल।
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
वृंदावन में गायों और ग्वालों के बीच में सुंदर सांवले सलोने मदन गोपाल कन्हैया विराजते हैं, जो माखन का भोग लगाकर सबको आनंदित करते हैं।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ यह भजन बच्चों और परिवार में क्यों लोकप्रिय है?
इसकी सरल भाषा, मधुर लय और बाल कृष्ण की मनमोहक छवि हर उम्र के भक्त के मन को आनंदित कर देती है।


