पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
Payoji Maine Ram Ratan Dhan Payo
मीरा बाई का यह अमर पद भक्ति रूपी अविनाशी धन की महिमा का बखान करता है, जिसे न कोई चुरा सकता है और न खर्च करने से घटता है।
🕉️ ॥ ध्रुवपद ॥
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।
वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा करि अपनायो॥
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद १ ॥
जनम-जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो।
खरचै नहिं कोई चोर न लेवै, दिन-दिन बढ़त सवायो॥
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो॥
🌸 ॐ 🌸
🕉️ ॥ पद २ ॥
सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरखि-हरखि जस गायो॥
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
सद्गुरु की कृपा से मुझे श्री राम नाम रूपी अमूल्य रत्न मिल गया है। यह ऐसा धन है जिसे कोई चोर चुरा नहीं सकता और जितना खर्च करो उतना ही प्रतिदिन सवाया होकर बढ़ता है।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ राम रतन धन से क्या अभिप्राय है?
भगवान के नाम का निरंतर जप और उनकी भक्ति ही सच्चा और शाश्वत धन है जो जन्म-जन्मांतर तक साथ रहता है।


