श्री साईं बाबा की आरती
Shri Sai Baba Ki Aarti
सबका मालिक एक का अमर संदेश देने वाले शिर्डी के दयालु सद्गुरु साईं नाथ की यह पावन आरती श्रद्धा और सबुरी का दिव्य भाव जाग्रत करती है।
आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानंद सदा सुरवर की॥
जाकी कृपा विपुल सुखकारी, दुःख दारिद्र सब टारी॥
आरती श्री साईं गुरुवर की...
सिर पर कफनी सुंदर सोहे, चरण पादुका मन को मोहे।
जो ध्यावे सो फल पावे, भवसागर से पार लगावे॥
आरती श्री साईं गुरुवर की...
भक्तन के कारज नित सारे, शरणागत के कष्ट निवारे।
दीन दयाल दया के सागर, ज्ञान रूप गुण निधि उजागर॥
आरती श्री साईं गुरुवर की...
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई, सब पर समदृष्टि बरसाई।
सबका मालिक एक बताया, प्रेम अहिंसा पाठ पढ़ाया॥
आरती श्री साईं गुरुवर की...
जो नर प्रेम सहित गुण गावे, साईं कृपा सदा वह पावे।
मनवांछित पूरण सब काजा, जय जय साईं राज-अधिराजा॥
आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानंद सदा सुरवर की॥
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
परमानंद स्वरूप सद्गुरु शिर्डी के साईं नाथ की आरती समस्त संकटों और दरिद्रता का नाश करने वाली है। जिन्होंने सर्वधर्म समभाव का संदेश देकर 'सबका मालिक एक' का अमर पाठ पढ़ाया, उन करुणामयी साईं नाथ के चरणों में हमारा नमन है।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ साईं बाबा की आरती किस दिन करना विशेष फलदायी है?
गुरुवार का दिन गुरुपूजन व साईं बाबा की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दिन पीले पुष्प और प्रसाद चढ़ाकर आरती करनी चाहिए।
❓ साईं पूजा का मुख्य मंत्र क्या है?
ॐ साईं राम (Om Sai Ram) एवं 'ॐ शिर्डी वासाय विद्महे सच्चिदानंदाय धीमहि तन्नो साईं प्रचोदयात्' मुख्य मंत्र हैं।


