कभी राम बनके कभी श्याम बनके
Kabhi Ram Banke Kabhi Shyam Banke
ईश्वर के सभी दिव्य स्वरूपों (राम, कृष्ण, शिव, विष्णु) के प्रति अनन्य प्रेम और घर-आंगन में पधारने की भावपूर्ण प्रार्थना।
कभी राम बनके कभी श्याम बनके,
चले आना प्रभु जी चले आना॥
तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना,
सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके,
चले आना प्रभु जी चले आना॥
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...
तुम श्याम रूप में आना, तुम श्याम रूप में आना,
राधा साथ लेके, मुरली हाथ लेके,
चले आना प्रभु जी चले आना॥
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...
तुम शिव के रूप में आना, तुम शिव के रूप में आना,
गौरा साथ लेके, डमरू हाथ लेके,
चले आना प्रभु जी चले आना॥
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...
तुम विष्णु रूप में आना, तुम विष्णु रूप में आना,
लक्ष्मी साथ लेके, चक्र हाथ लेके,
चले आना प्रभु जी चले आना॥
कभी राम बनके कभी श्याम बनके...
🌸 पावन भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व:
भक्त परमात्मा को किसी भी रूप में अपने हृदय आंगन में पधारने का आमंत्रण देता है—चाहे वे राम बनकर आएं, कृष्ण बनकर आएं या शिव व विष्णु बनकर आएं।
💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
❓ इस भजन की क्या विशेषता है?
यह भजन सनातन धर्म के एकात्म भाव को दर्शाता है कि परमात्मा एक ही हैं और विभिन्न रूपों में भक्तों की रक्षा करते हैं।


