बीएपीएस हिंदू मंदिर (अबू धाबी, UAE) - BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi, UAE
🌏 विदेश स्थित तीर्थ / पश्चिम एशिया का प्रथम पाषाण मंदिर

बीएपीएस हिंदू मंदिर (अबू धाबी, UAE)

BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi, UAE • 📍 अबू मुरेइखा, अल राहबा के समीप, अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी के मरुस्थल में 27 एकड़ भूमि पर निर्मित बीएपीएस हिंदू मंदिर मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) का प्रथम पारंपरिक नक्काशीदार प्रस्तर हिंदू मंदिर है। यह सनातन धर्म, वैश्विक शांति, सह-अस्तित्व और भारतीय वास्तुकला का 21वीं सदी का अद्भुत वैश्विक प्रतीक है।

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अधिष्ठाता देव भगवान स्वामीनारायण, श्री राधा-कृष्ण, सीता-राम, शिव-पार्वती
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शक्ति / संगिनी अक्षरब्रह्म गुणातीतानंद स्वामी एवं माताएं
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पवित्र नदी / सरोवर अल वाकबा मरुस्थल में कृत्रिम गंगा-यमुना-सरस्वती त्रिवेणी संगम
ऐतिहासिक काल 21वीं सदी (14 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भव्य लोकार्पण)
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स्थापत्य शैली प्राचीन परंपरागत नागर प्रस्तर वास्तुकला (गुलाबी बलुआ पत्थर व इटैलियन मार्बल)
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प्रमुख पर्व व उत्सव भव्य लोकार्पण उत्सव, दिवाली अन्नकूट, जन्माष्टमी, शिवरात्रि
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🏛️ विस्तृत इतिहास एवं प्राचीन वास्तुकला (History & Architecture)

1997 में पूज्य प्रमुख स्वामी महाराज ने संयुक्त अरब अमीरात के मरुस्थल में एक भव्य हिंदू मंदिर बनने का दिव्य संकल्प लिया था। 2015 में यूएई के तत्कालीन क्राउन प्रिंस और वर्तमान राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मंदिर निर्माण हेतु 13.5 एकड़ (बाद में 27 एकड़) भूमि उपहार स्वरूप भेंट की। 14 फरवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूज्य महंत स्वामी महाराज द्वारा इस भव्य मंदिर का ऐतिहासिक लोकार्पण हुआ।

मंदिर शुद्ध नागर स्थापत्य कला में बिना किसी लोहे, स्टील या कंक्रीट के केवल राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और इटली के सफेद संगमरमर के 20,000 टन प्रस्तर खंडों को जोड़कर बनाया गया है। मंदिर में यूएई के 7 अमीरातों के प्रतीक 'सात भव्य शिखर' सुशोभित हैं। मंदिर की दीवारों पर रामायण, महाभारत, श्रीमद्भागवत, शिव पुराण के साथ-साथ दुनिया की 14 प्राचीन सभ्यताओं (माया, मेसोपोटामिया, मिस्र, अरब) के शांति प्रसंग पाषाण पर उकेरे गए हैं।

📜 पावन पौराणिक कथाएं एवं दिव्य लीलाएं (Sacred Legends)

यह मंदिर आधुनिक युग में सनातन धर्म के 'वसुधैव कुटुम्बकम्' (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) के शाश्वत वैदिक सिद्धांत का प्रत्यक्ष साक्षात्कार है। मंदिर के सात शिखरों में सात प्रमुख देव-परंपराओं के पावन विग्रह प्रतिष्ठित हैं—1. भगवान स्वामीनारायण व गुणातीतानंद स्वामी; 2. श्री राधा-कृष्ण; 3. श्री सीता-राम व लक्ष्मण-हनुमान; 4. भगवान शिव-पार्वती व कार्तिकेय-गणेश; 5. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा; 6. श्री तिरुपति बालाजी; 7. भगवान अय्यप्पा स्वामी।

मंदिर परिसर में भारत की पावन गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम का स्वरूप बनाया गया है, जिसमें हरिद्वार से लाया गया गंगाजल निरंतर प्रवाहित होता है। रेगिस्तान के 50 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी श्रद्धालुओं के पैर न जलें, इसके लिए विशेष नैनो-प्रौद्योगिकी युक्त कूल-स्टोन का उपयोग किया गया है।

🌟 धार्मिक एवं आध्यात्मिक महात्म्य (Spiritual Significance)

अरब जगत के केंद्र में सनातन वैदिक मंत्रोच्चार, घंटी की ध्वनि और शंखनाद का गूंजना सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रभाव और सर्वधर्म समभाव का अनुपम गौरव है। यहां दर्शन करने से आत्मा को शांति और सनातन धर्म के विश्वव्यापी स्वरूप का अभिमान होता है।

वसुधैव कुटुम्बकम्। अयम् निजः परो वेत्ति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥
भावार्थ: यह मेरा है और यह पराया है, ऐसी संकीर्ण सोच छोटे मन वालों की होती है। उदार हृदय वाले महापुरुषों के लिए तो संपूर्ण पृथ्वी ही एक पावन परिवार है।

🛕 गर्भगृह, प्रमुख कुंड व दर्शनीय स्थल (Sacred Highlights)

✨ सात पावन शिखर (Seven Sacred Spires)

यूएई के 7 अमीरातों और सनातन धर्म के 7 प्रमुख देव स्वरूपों के प्रतीक 108 फीट ऊंचे भव्य नक्काशीदार शिखर।

✨ गंगा-यमुना संगम घाट (Ganga-Yamuna Amphitheatre)

भारत से लाए गए पावन गंगाजल से सिंचित कृत्रिम घाट, जहां जल का प्रवाह निरंतर बना रहता है।

✨ सद्भाव का टीला (Dune of Peace)

मंदिर परिसर में संरक्षित प्राकृतिक मरुस्थलीय टीला जहां प्रमुख स्वामी महाराज का संकल्प हुआ था।

✨ वैश्विक सभ्यता प्रस्तर दीवार (Value Wall of Civilization)

मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई विश्व की 14 प्राचीन सभ्यताओं की मूल्यपरक प्रेरक कहानियां।

⏰ दर्शन विधि, नियम एवं दैनिक आरती समय (Darshan & Timetable)

बीएपीएस अबू धाबी की आधिकारिक वेबसाइट (mandir.ae) से अग्रिम निःशुल्क दर्शन पास बुक करें। गरिमामय परिधान (कंधे और घुटने ढके हुए) में मंदिर परिसर में प्रवेश करें। सात शिखरों के नीचे स्थित सभी सात देव स्वरूपों के दर्शन करें।

आरती / पूजा अनुष्ठान निर्धारित समय
प्रातः मंगला आरती प्रातः 07:30 - 08:00
मध्याह्न राजभोग आरती दोपहर 12:00 - 12:30
सांध्य महाआरती संध्या 07:30 - 08:00
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🚗 सम्पूर्ण यात्रा मार्गदर्शिका (How to Reach & Accommodation)

✈️ हवाई मार्ग (By Air)

अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (AUH) मात्र 30 मिनट और दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (DXB) लगभग 1 घंटे की दूरी पर है।

🚗 सड़क मार्ग (By Road)

अबू धाबी-दुबई राजमार्ग (E11) पर अबू मुरेइखा निकास पर स्थित है। दुबई से 45 मिनट और अबू धाबी शहर से 30 मिनट में टैक्सी या कार से पहुंचा जा सकता है।

🗓️ सर्वोत्तम यात्रा समय

अक्टूबर से अप्रैल का मौसम उत्तम और सुहावना रहता है।

🏨 आवास एवं धर्मशालाएं

अबू धाबी और दुबई शहरों में विश्वस्तरीय होटल और आवास उपलब्ध हैं। मंदिर में शुद्ध शाकाहारी सात्विक कैफे भी संचालित है।

🌸 संबंधित पावन स्तोत्र, मंत्र व आरती (Related Prayers)

इस पावन तीर्थ के अधिष्ठाता देव की आराधना एवं नित्य पाठ हेतु प्रमुख स्तोत्र, मंत्र एवं आरतियां:

💡 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

❓ अबू धाबी मंदिर के निर्माण में पत्थर कहां से लाए गए?

मंदिर का बाह्य ढांचा राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है, जिसे राजस्थान और गुजरात के कारीगरों ने तराशा। भीतरी भाग इटली के मकराना संगमरमर से निर्मित है।

❓ मंदिर में सात शिखर क्यों हैं?

सात शिखर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सात अमीरातों (अबू धाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, उम्म अल-कुवैन, रस अल-खैमाह और फुजैरा) के प्रति सम्मान और सनातन धर्म के सात प्रमुख देव स्वरूपों के प्रतीक हैं।

❓ क्या गैर-हिंदू मंदिर जा सकते हैं?

हाँ, यह मंदिर 'वैश्विक सद्भाव' का प्रतीक है और सभी धर्मों, जातियों और देशों के आगंतुकों के लिए समान रूप से खुला है। मात्र शालीन परिधान (Modest Dress) अनिवार्य है।

❓ मंदिर की जमीन किसने दान दी थी?

यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 2015 और 2018 में मंदिर निर्माण हेतु कुल 27 एकड़ भूमि मित्रता और सह-अस्तित्व के प्रतीक स्वरूप उपहार में दी थी।

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